जख, विजयपुर में हादसा: समय पर ट्रैफिक न होने से टली बड़ी त्रासदी; क्या होता अगर यह नीचे चल रहे किसी वाहन पर गिर जाती???

 



25 अगस्त 2026 को सांबा के विजयपुर के जख इलाके में दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ। निर्माण के समय प्रीकास्ट कंक्रीट का एक भारी हिस्सा लॉन्चिंग मशीन से फिसलकर नीचे गिर गया।

अधिकारियों और रिपोर्टों के अनुसार, जिस समय यह हिस्सा गिरा, उसके नीचे कोई वाहन या आम यात्री मौजूद नहीं था। हादसे में केवल निर्माण कार्य में लगे मजदूर प्रभावित हुए, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और तीन लोग घायल हुए।

NHAI के अनुसार, पहले से लगाए गए पुल के हिस्से में कोई तकनीकी खराबी नहीं हुई और पुल की संरचना सुरक्षित रही।

अगर नीचे वाहन चल रहे होते तो...

अगर यही भारी कंक्रीट का हिस्सा उस समय सड़क पर गिरता, जब सांबा-जम्मू के बीच वाहन और आम लोग सफर कर रहे होते, तो हादसा बहुत बड़ा हो सकता था।

इतना भारी हिस्सा ऊंचाई से गिरने पर कई वाहन इसकी चपेट में आ सकते थे। इससे बड़ी संख्या में लोगों की मौत या गंभीर चोटें हो सकती थीं। इसके अलावा:

  • कई वाहन दब या क्षतिग्रस्त हो सकते थे।
  • अन्य वाहनों की टक्कर से दूसरा हादसा हो सकता था।
  • सड़क पर लंबा जाम लग सकता था।
  • बड़ी संख्या में एंबुलेंस और बचाव दल की जरूरत पड़ सकती थी।
  • सांबा-जम्मू मार्ग पर यातायात को लंबे समय तक रोकना पड़ सकता था।
  • निर्माण कार्य और साइट की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू होती।
  • ठेकेदार और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती थी।

इस हादसे में उस समय नीचे आम यातायात न होना एक बड़ी राहत रही। इससे एक बड़ा जनहानि वाला हादसा टल गया और घटना मुख्य रूप से निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूरों तक सीमित रही।

फिलहाल पुलिस और NHAI की विशेषज्ञ टीम इस बात की जांच कर रही है कि कंक्रीट का हिस्सा लॉन्चिंग मशीन से क्यों फिसला। जांच पूरी होने के बाद हादसे के सही कारण और सुरक्षा संबंधी सुझाव सामने आ सकते हैं।

यह घटना यह भी बताती है कि ऊंचे पुल और एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान सुरक्षित क्षेत्र, यातायात नियंत्रण और निर्माण सामग्री को उठाने की सही प्रक्रिया का सख्ती से पालन करना कितना जरूरी है। 

भारी भीड़ में जब नेशनल हाईवे वाले अपना काम करते हैं तो इनको भी यह सोचना चाहिए कि आने जाने वाले लोगों को कोई परेशानी ना हो यह तो गनीमत रही कि उसे वक्त कोई यात्री वहां पर नहीं जा रहा था। नहीं तो बहुत ज्यादा परेशानी हो सकती थी और हमारा यह भी मानना है कि जान चाहे वो अमीर हो या गरीब...

 न्याय हर किसी को मिलना चाहिए