सांबा शहर में शराब की दुकानों पर ओवररेटिंग का आरोप, उपभोक्ताओं ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की
सांबा: सांबा शहर में शराब की दुकानों पर निर्धारित कीमत से अधिक वसूली किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि कई वाइन शॉप संचालक शराब की बोतलों, हाफ और क्वार्टर पर कथित तौर पर तय कीमत से ₹10 से ₹40 तक अतिरिक्त वसूली कर रहे हैं।
उपभोक्ताओं के अनुसार, उदाहरण के तौर पर Royal Stag का ₹200 वाला क्वार्टर ₹210 में, हाफ ₹420 में और पूरी बोतल ₹840 में बेचे जाने का आरोप है। उनका कहना है कि इसी तरह अन्य ब्रांडों पर भी निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूली जा रही है।
लोगों का आरोप है कि जब ग्राहक बिल मांगते हैं तो कुछ दुकानदार कथित तौर पर अतिरिक्त राशि जोड़कर बिल जारी कर देते हैं। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग भी इस कथित ओवररेटिंग से प्रभावित हो रहे हैं। उनका आरोप है कि कई लोग रोजाना दिहाड़ी-मजदूरी करने के बाद शराब खरीदने जाते हैं और उन्हें निर्धारित कीमत से अधिक भुगतान करना पड़ता है।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि शिक्षित वर्ग भी विवाद से बचने के लिए अक्सर आवाज नहीं उठाता, जबकि गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों की शिकायतों को भी कथित तौर पर गंभीरता से नहीं लिया जाता।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग (Excise Department) पूरी तरह से इस बात पर चुप्पी सादे हुए है। उनका यह कथित मौन लोगों की नाराजगी को और बढ़ा रहा है। लोगों ने प्रशासन से इसका संज्ञान लेने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि शराब की दुकानों पर नियमित जांच की जाए, निर्धारित कीमतों की स्पष्ट सूची प्रदर्शित कराई जाए और यदि ओवररेटिंग की शिकायतें सही पाई जाती हैं तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शराब की दुकानों को निर्धारित MRP से अधिक कीमत वसूलने की अनुमति नहीं है, तो प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आम उपभोक्ताओं से किसी भी परिस्थिति में अतिरिक्त राशि न ली जाए।
नागरिक नेसाम्बा टाइम्स के माध्यम से सांबा प्रशासन से अपील की है कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले शराब विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।