श्री अमर क्षत्रिय (राजपूत) सभा, जम्मू-कश्मीर ने संगठन को सशक्त बनाने हेतु जिला स्तर की जिम्मेदारियाँ सौंपीं: विनोद सिंह बिन्नी बने जिला सांबा के प्रभारी

  


जम्मू, 13 जुलाई: श्री अमर क्षत्रिय (राजपूत) सभा, जम्मू-कश्मीर (यू.टी.), जम्मू की एक महत्वपूर्ण बैठक आज राज तिलक भवन, पुरानी मंडी, जम्मू में आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य संगठनात्मक गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा करना तथा राजपूत समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा करना था।

बैठक सभा के चेयरमैन श्री नारायण सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित हुई, जिसमें प्रधान श्री बिशन सिंह, वरिष्ठ उपप्रधान श्री रंगील सिंह, उपप्रधान श्री जगदीश सिंह, महासचिव श्री मंगलेश्वर सिंह, सलाहकार श्री एम. एस. जम्वाल (सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता), सलाहकार श्री बी. एस. जम्वाल (सेवानिवृत्त उपायुक्त) तथा श्री शमशेर सिंह परिहार (सेवानिवृत्त उप पुलिस अधीक्षक) सहित सभा के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भाग लिया।

विस्तृत विचार-विमर्श के उपरांत संगठन को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से निम्नलिखित राज्य पदाधिकारियों को विभिन्न जिलों की जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं—

श्री जगदीश सिंह (उपप्रधान) – राजौरी एवं पुंछ

श्री मंगलेश्वर सिंह (महासचिव) तथा श्री राजकुमार – कठुआ / पहाड़ी ज़िला

श्री नरेंद्र सिंह (सचिव) तथा कैप्टन अर्जुन सिंह – रियासी एवं उधमपुर

श्री सुखदेव सिंह (सचिव) – जम्मू ग्रामीण

श्री शमशेर सिंह (सचिव) – अखनूर

श्री परवीन सिंह (सचिव) – आर.एस. पुरा / बिश्नाह

श्री विनोद सिंह (बिन्नी) (सचिव) – सांबा

श्री करण देव सिंह – डोडा / किश्तवाड़

श्री नंद लाल – रामबन

श्री पवन देव सिंह – जम्मू शहरी

सभा ने सभी नामित पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक तिमाही (जून, सितंबर, दिसंबर एवं मार्च) के अंत में अपनी त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट केंद्रीय सभा को प्रस्तुत करें। साथ ही उन्हें जिला एवं तहसील अध्यक्षों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए संगठनात्मक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक के दौरान जिला राजौरी के सुंदरबनी में निर्माणाधीन राजपूत सभा भवन के कार्यों की भी समीक्षा की गई। सभा ने स्थानीय राजपूत समाज के समर्पण और सहयोग की सराहना करते हुए उपप्रधान श्री जगदीश सिंह, श्री वकील सिंह (सेवानिवृत्त व्याख्याता), श्री पुरुषोत्तम सिंह (ब्लॉक अध्यक्ष, सुंदरबनी) तथा अन्य स्थानीय सदस्यों के नेतृत्व और योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की, जिनके प्रयासों से भवन निर्माण कार्य सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है।

बैठक के अंत में सभा ने जम्मू-कश्मीर के प्रत्येक जिले में अपने संगठनात्मक ढांचे को और अधिक मजबूत करने तथा राजपूत समाज की एकता, हितों एवं समग्र कल्याण के लिए निरंतर कार्य करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।